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मसà¥à¤¸à¤¾ के लिठकà¥à¤› घरेलू उपाय – Home Remedies for Warts in Hindi
तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर मसà¥à¤¸à¥‡ का होना परेशानी का विषय बन सकता है। इससे पीड़ित लोग अगर मसà¥à¤¸à¤¾ हटाने का उपाय खोज रहे हैं, तो चिंता न करें। यहां पर हम कà¥à¤› आसान से मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का घरेलू उपचार बताने जा रहे हैं। इनके जरिठमसà¥à¤¸à¥‡ हटाने की विधि बताने जा रहे हैं।
नोट: इन मसà¥à¤¸à¤¾ हटाने के उपाय का उपयोग जेनिटल मसà¥à¤¸à¥‡ के लिठन करें। अगर जेनिटल मसà¥à¤¸à¤¾ है, तो इसके इलाज के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें। साथ ही इन घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों को उपयोग करने से पहले तà¥à¤µà¤šà¤¾ विशेषजà¥à¤ž की सलाह जरूरी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤› लोगों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ संवेदनशील होती है और इनमें से कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है।
1. लहसà¥à¤¨ से मसà¥à¤¸à¥‡ का इलाज
सामगà¥à¤°à¥€:
1-2 लहसà¥à¤¨ की कलियां
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
लहसà¥à¤¨ को कà¥à¤šà¤² कर à¤à¤• पेसà¥à¤Ÿ बना लें।
इस पेसà¥à¤Ÿ को मसà¥à¤¸à¥‡ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लगाà¤à¤‚।
कब करें उपयोग:
इसे दिन में दो से तीन बार उपयोग कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
मसा के घरेलू उपचार की बात करें, तो लहसà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कारगर माना जा सकता है। दरअसल, लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टीवायरल और à¤à¤‚टी कारà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• गà¥à¤£ पाठजाते हैं। ये गà¥à¤£ वायरल से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कोशिकाओं के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को रोक सकते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार लहसà¥à¤¨ मसà¥à¤¸à¤¾ का कारण बनने वाले वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज करने में मददगार हो सकता है (3)।
2. अरंडी का तेल
सामगà¥à¤°à¥€:
1 चमà¥à¤®à¤š अरंडी का तेल
2-3 बूंदें à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
à¤à¤• कटोरी में à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल की दो से तीन बूंदों के साथ à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š अरंडी का तेल मिलाà¤à¤‚।
इसे कॉटन की सहायता से मसà¥à¤¸à¥‡ पर लगाà¤à¤‚।
इसे कà¥à¤› देर के लिठà¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें और फिर पानी से धो लें।
कब करें उपयोग:
इसका उपयोग सà¥à¤¬à¤¹ नहाने से पहले और रात को सोने से पहले कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
अरंडी का तेल मसà¥à¤¸à¥‡ हटाने की दवा के रूप में लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है। à¤à¤• शोध में इस बात का जिकà¥à¤° मिलता है कि अरंडी के तेल में पाठजाने वाला à¤à¤‚टीवायरल गà¥à¤£ मसà¥à¤¸à¥‡ के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को रोकने और उसे समापà¥à¤¤ करने में मदद कर सकता है (4 )। à¤à¤‚टीवायलर गà¥à¤£ मसà¥à¤¸à¥‡ और इससे फैलने वाले हà¥à¤¯à¥‚मन पेपिलोमा वायरस को दूर करने के लिठà¤à¤• कारगर घटक हो सकता है (5 )। à¤à¤¸à¥‡ में कहा जा सकता है कि अरंडी का तेल का उपयोग मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के घरेलू उपचार के तौर पर किया जा सकता है।
3. टी टà¥à¤°à¥€ तेल
सामगà¥à¤°à¥€:
टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल की 2-3 बूंदें
कॉटन बॉल
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š नारियल तेल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
नारियल तेल में टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल को मिलाà¤à¤‚।
इसके बाद कॉटन बॉल की मदद से इसे मसà¥à¤¸à¥‡ पर लगाà¤à¤‚।
कब करें उपयोग:
à¤à¤¸à¤¾ हफà¥à¤¤à¥‡ में रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ और शाम को कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल मसà¥à¤¸à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने में मदद कर सकता है। ये à¤à¤Ÿà¤¿à¤‘लॉजिकल माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² (Aetiological Microbial) गà¥à¤£ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को दूर करने में मदद कर सकता है। इसके उपयोग से मसà¥à¤¸à¥‡ को फैलाने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को समापà¥à¤¤ कर सकते हैं (6)। इसके अलावा, इस तेल में à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होता है, जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होने वाले मसà¥à¤¸à¥‡ को दूर कर सकता है ( 7 )। à¤à¤¸à¥‡ में टी टà¥à¤°à¥€ के तेल का उपयोग मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के घरेलू उपचार के तौर पर किया जा सकता है।
4. सिरके से मसà¥à¤¸à¥‡ का इलाज
सामगà¥à¤°à¥€:
2 चमà¥à¤®à¤š सिरका
à¤à¤• कॉटन बॉल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
सिरके में कॉटन को à¤à¤¿à¤—ोकर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लगाà¤à¤‚।
इसे कà¥à¤› देर à¤à¤¸à¥‡ ही लगा रहने दें।
कब करें उपयोग:
इसका उपयोग दिन में à¤à¤• बार कà¤à¥€ à¤à¥€ कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
मसà¥à¤¸à¥‡ की बीमारी का इलाज सिरके का उपयोग करके à¤à¥€ किया जा सकता है। दरअसल, सिरके में मौजूद असेटिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बढ़ने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ को फैलने नहीं देता। इसे मसà¥à¤¸à¥‡ पर लगाने से जलà¥à¤¦à¥€ ही फायदा हो सकता है (8)। à¤à¤¸à¥‡ में कहा जा सकता है कि मसà¥à¤¸à¤¾ हटाने का उपाय अपनाते वकà¥à¤¤ सिरके का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो सकता है।
5. à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾
सामगà¥à¤°à¥€:
1 चमà¥à¤®à¤š à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का गूदा
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ के गूदे को मसà¥à¤¸à¥‡ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लगाकर कà¥à¤› देर के लिठहलà¥à¤•े-हलà¥à¤•े हाथों से मसाज करें।
इसके बाद थोड़ी देर तक उसे à¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें और फिर धो लें।
कब करें उपयोग:
इसका उपयोग रोजाना कà¤à¥€ à¤à¥€ कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
मसà¥à¤¸à¥‡ हटाने की दवा के रूप में à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² गà¥à¤£à¤•ारी हो सकता है। à¤à¤• मेडिकल रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीवायरल गà¥à¤£ पाठजाते हैं, जो मसà¥à¤¸à¥‡ का कारण बनने वाले वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ को न सिरà¥à¤« रोक सकते हैं, बलà¥à¤•ि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समापà¥à¤¤ करने में मदद à¤à¥€ कर सकते हैं (9)। à¤à¤¸à¥‡ में कहा जा सकता है कि मसà¥à¤¸à¥‡ की बीमारी का इलाज में à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का उपयोग किया जा सकता है।
6. बेकिंग सोडा से मसà¥à¤¸à¥‡ का इलाज
सामगà¥à¤°à¥€:
2 चमà¥à¤®à¤š बेकिंग सोडा
1 चमà¥à¤®à¤š à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
दोनों सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤• साथ मिलाकर पेसà¥à¤Ÿ तैयार करें।
फिर इस पेसà¥à¤Ÿ को मसà¥à¤¸à¥‡ पर लगाà¤à¤‚।
कà¥à¤› देर बाद इसे साफ कर लें।
कब करें उपयोग:
इस विधि का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— हफà¥à¤¤à¥‡ में दो से तीन बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के घरेलू उपचार में à¤à¤• नाम बेकिंग सोडा का à¤à¥€ माना जा सकता है। जैसा कि ऊपर लेख में बताया जा चà¥à¤•ा है कि मसà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ (हà¥à¤¯à¥‚मन पैपिलोमा वायरस) संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण हो सकता है ( 7 )। माना जाता है कि बेकिंग सोडा जिसे सोडियम बायकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ à¤à¥€ कहा जाता है, इस समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करने में मदद कर सकता है (10 )। फिलहाल, इस संबंध में और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• शोध किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
7. नींबू
सामगà¥à¤°à¥€:
1 चमà¥à¤®à¤š नींबू का रस
2 चमà¥à¤®à¤š पानी
कॉटन बॉल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
नींबू के रस को पानी में मिलाà¤à¤‚।
इस मिशà¥à¤°à¤£ को मसà¥à¤¸à¥‡ पर कॉटन के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लगा सकते हैं।
कà¥à¤› देर इसे लगा रहने दें और फिर इसे धो लें।
कब करें उपयोग:
इसका उपयोग कà¤à¥€ à¤à¥€ कर सकते हैं। सà¥à¤¬à¤¹ नहाने से पहले इसका उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है।
कैसे है फायदेमंद:
मसà¥à¤¸à¥‡ के मसले को सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठनींबू बहà¥à¤¤ ही काम की चीज हो सकती है। दरअसल, इसमें साइटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पाया जाता है, जिसमें à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होता है। यह मसà¥à¤¸à¥‡ को दूर करने में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है (11)।
8. केला के छिलà¥à¤•े से मसà¥à¤¸à¥‡ का इलाज
सामगà¥à¤°à¥€:
à¤à¤• पके केले का छिलà¥à¤•ा
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
केले के छिलà¥à¤•े को मसà¥à¤¸à¥‡ पर 5 से 10 मिनट तक रख सकते हैं।
कब करें उपयोग:
इसका उपयोग दो दिन में à¤à¤• बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
केला खाने के बाद अकà¥à¤¸à¤° लोग उसके छिलà¥à¤•े को फेंक देते होंगे, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ यह बात जानते हैं कि केले का छिलà¥à¤•ा à¤à¥€ बहà¥à¤¤ गà¥à¤£à¤•ारी होता है। इसमें à¤à¤‚टीवायरल और à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² के साथ ही à¤à¤‚टी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाठजाते हैं। केले के छिलà¥à¤•े में पाठजाने वाले ये गà¥à¤£ मसà¥à¤¸à¥‡ को दूर करने के लिठरामबाण साबित हाे सकते हैं (12)।
9. थूजा का तेल
सामगà¥à¤°à¥€:
2-3 बूंद थूजा का तेल
2-3 बूंद à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल
1 कॉटन बॉल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
थूजा के तेल को à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल के साथ मिला लें।
फिर इसमें कॉटन बॉल के डà¥à¤¬à¥‹ दें।
इस कॉटन को मसà¥à¤¸à¥‡ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर कà¥à¤› देर के लिठलगाà¤à¤‚।
बाद में इसे à¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें।
कब करें उपयोग:
इसका उपयोग हफà¥à¤¤à¥‡ में दो बार किसी à¤à¥€ दिन कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
मसà¥à¤¸à¥‡ का इलाज करने के लिठहोमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ में थूजा के तेल का वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से उपयोग किया जाता है। थूजा à¤à¤• सदाबहार पेड़ हैं और इसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से तैयार दवा को तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियों के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है, जिनमें à¤à¤• मसà¥à¤¸à¤¾ à¤à¥€ है (13)। मसà¥à¤¸à¥‡ को दूर करने वाले गà¥à¤£ के लिठअà¤à¥€ थूजा के तेल पर और रिसरà¥à¤š किठजाने की जरूरत है।
10. हलà¥à¤¦à¥€
सामगà¥à¤°à¥€:
1 छोटा चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर
1 छोटा चमà¥à¤®à¤š à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
तेल और हलà¥à¤¦à¥€ काे मिलाकर पेसà¥à¤Ÿ बना लें।
इस पेसà¥à¤Ÿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लगाà¤à¤‚।
इसे लगाकर à¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें, ये खà¥à¤¦ ही सूख कर à¤à¤¡à¤¼ जाà¤à¤—ा।
कब करें उपयोग:
इसका उपयोग रोजाना कà¤à¥€ à¤à¥€ कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
हलà¥à¤¦à¥€ न सिरà¥à¤« हमारा रकà¥à¤¤ साफ करती है, बलà¥à¤•ि यह अनà¥à¤¯ मामलों में à¤à¥€ गà¥à¤£à¤•ारी होती है। हलà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टी-वायरल गà¥à¤£ पाठजाते हैं ( 14)। हलà¥à¤¦à¥€ में पाठजाने वाले ये गà¥à¤£ मसà¥à¤¸à¥‡ का कारण बनने वाले हà¥à¤¯à¥‚मन पैपिलोमा वायरस को समापà¥à¤¤ करने में कारगर होते हैं। इसके अलावा, ये मसà¥à¤¸à¥‡ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को à¤à¥€ समापà¥à¤¤ करने में मदद कर सकते हैं (7 )। फिलहाल, इस संबंध में अà¤à¥€ और शोध की जरूरत है।
11. बीटल जूस
सामगà¥à¤°à¥€:
2-3 बूंदें बीटल जूस
1-2 बूंद पॉडोफिलिन
2 बूंद सैलिसिलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡
à¤à¤• बैंडेज
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
सब को मिलाकर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाà¤à¤‚।
इसके ऊपर से बैंडेज या पटà¥à¤Ÿà¥€ को आराम से बांध लें।
इसे 24 घंटे के लिठबंधा रहने दें।
कब करें उपयोग:
रोजाना रात को सोते समय इसका उपयोग कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
बीटल जूस जिसे कैंथारिडिन (Cantharidin) के नाम से à¤à¥€ जानते हैं, मसà¥à¤¸à¥‡ के उपचार के लिठफायदेमंद हो सकता है। इसको पॉडोफिलिन (Podophyllin) और सैलिसिलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (Salicylic Acid) के साथ मिलाकर उपयोग करने पर मसà¥à¤¸à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ के साथ ही तिल की समसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ दूर करने में कà¥à¤› मदद मिल सकती है (15)।
12. नीम का तेल
सामगà¥à¤°à¥€:
1 चमà¥à¤®à¤š नीम का तेल
1 कॉटन बॉल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
कॉटन बॉल को नीम के तेल में à¤à¤¿à¤—ाà¤à¤‚।
इसे मसà¥à¤¸à¥‡ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर आराम-आराम से लगाà¤à¤‚।
कब करें उपयोग:
इसका उपयोग दिन में 2 बार कà¤à¥€ à¤à¥€ कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
नीम का नाम और इसके उपयोग के बारे में कौन नहीं जानता। इसमें मौजूद गà¥à¤£ हमारी सेहत के लिठफायदेमंद होते हैं। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ गà¥à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• गà¥à¤£ है à¤à¤‚टीवायरल गà¥à¤£, जो मसà¥à¤¸à¥‡ के उपचार में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो सकते हैं। यह ना सिरà¥à¤« मसà¥à¤¸à¥‡ को पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को न सिरà¥à¤« रोकता है, बलà¥à¤•ि इसके संकà¥à¤°à¤®à¤£ को à¤à¥€ समापà¥à¤¤ कर देता है और दोबारा पनपने नहीं देता (16)।
13. अजवायन का तेल
सामगà¥à¤°à¥€:
4-5 बूंद अजवायन का तेल
1 कॉटन बॉल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
मसà¥à¤¸à¥‡ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ को साफ कर लें।
कॉटन बॉल पर अजवायन के तेल को डालें।
इसे मसà¥à¤¸à¥‡ वाली जगह पर लगाठऔर थोड़ी देर के लिठà¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें।
कब करें उपयोग:
नहाने से पहले रोजाना इस विधि का उपयोग कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
छोटी-सी दिखाई देने वाली अजवायन कई बीमारियों को ठीक कर सकती है। इसका तेल मसà¥à¤¸à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ को कà¥à¤› हद तक दूर कर सकता है। अजवायन का तेल à¤à¤‚टीवायरल गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से संपनà¥à¤¨ होता है (17)। इसमें पाया जाने वाला यह गà¥à¤£ à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ नामक वायरस को समापà¥à¤¤ करके मसà¥à¤¸à¤¾ हटाने का उपायमसà¥à¤¸à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात दिलाने में मदद कर सकता है (18 )।
वहीं, सीडीसी (सेंटर फॉर डिजीज कंटà¥à¤°à¥‹à¤² à¤à¤‚ड पà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤‚शन) की रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ के उपचार में à¤à¤‚टीवायरस का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं किया जा सकता है (19)। à¤à¤¸à¥‡ में बेहतर होगा कि इस संबंध में à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° की राय जरूर ली जाà¤à¥¤
14. विटामिन à¤
मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठविटामिन-ठको औषधि के रूप में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। इसके लिठउन पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें, जो विटामिन-ठसे à¤à¤°à¤ªà¥‚र हों। डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर विटामिन-ठके सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ à¤à¥€ ले सकते हैं। विटामिन-ठमसà¥à¤¸à¥‡ का कारण बनने वाले à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ नामक वायरस पर अपना पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ दिखाता है और इसे धीरे-धीरे कम करके समापà¥à¤¤ कर सकता है (20)।
15. तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
सामगà¥à¤°à¥€ :
4-5 बूंद तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पेसà¥à¤Ÿ
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
मसà¥à¤¸à¥‡ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ को साफ करें।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पीसकर पेसà¥à¤Ÿ तैयार करें ।
इसे मसà¥à¤¸à¥‡ वाली जगह पर लगाà¤à¤‚ और थोड़ी देर के लिठà¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें।
आधे घंटे बाद पानी से साफ कर लें।
कब करें उपयोग:
हफà¥à¤¤à¥‡ में दो से तीन बार इस उपाय को कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
à¤à¤• शोध में साफ तौर से इस बात की जानकारी दी गई है कि मसà¥à¤¸à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ में पौराणिक समय से तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग किया जाता आ रहा है। साथ ही इसमें तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ में पाठजाने वाले à¤à¤‚टीवायरल और à¤à¤‚टी कारà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ की जानकारी à¤à¥€ दी गई है। लेख में पहले ही बताया जा चà¥à¤•ा है कि ये दोनों गà¥à¤£ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कोशिकाओं के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को रोककर मसà¥à¤¸à¥‡ के कारण बनने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ से राहत दिला सकते हैं (21)। à¤à¤¸à¥‡ में कहा जा सकता है कि तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग मसà¥à¤¸à¤¾ हटाने में कारगर हो सकता है।
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